” छोटी सी उमर हैं
मैं भी पढ़ना चाहू माँ
बस्ता, कॉपी -किताब मैं भी चाहु माँ
दिन बीत रहे हैं और मेरा बचपन भी माँ
सारी जिम्मेदारी निभाउंगी माँ बस मुझको पढ़ने दो माँ ”

शिक्षा हर इंसान का अधिकार हैं, और आवश्यकता भी हैं, पर अभी भी हमारे देश में साक्षरता का प्रतिशत कम हैं l आइये मिलकर शिक्षा की तरफ़ हाथ बढ़ाये, और बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलवाये l
बेटियों को बहुत नन्हीं उमर में ही अपने से छोटे भाई -बहन की देखभाल के लिए घर पर रखा जाता हैं और उन्हें शिक्षा से दूर करके, जिम्मेदारियों के बोझ से लाद दिया जाता हैं l
छोटी सी ख़ुशी का यहीं प्रयास हैं की इस तरह की बच्चियों के परिवार को शिक्षा के महत्व से अवगत कराये और उन्हें प्रोत्साहित करें की वो अपनी बच्चियों को शिक्षा से जोड़े l

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